श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं! जो लोग भक्ति में श्रद्धा नहीं रखते, वे मुझे प्राप्त नहीं कर पाते। और वे इस भौतिक जगत में जन्म-मृत्यु के मार्ग में वापस आते रहते हैं। श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं! यह सम्पूर्ण जगत मेरे अव्यक्त रूप द्वारा व्याप्त है। समस्त जीव मुझमें हैं, किंतु मैं उनमें नहीं हूं। मेरे द्वारा उत्पन्न सारी वस्तुएं मुझमें स्थित नहीं रहतीं। जरा, मेरे योग-ऐश्वर्य को देखो! यद्यपि मैं समस्त जीवों का पालक हूं और सर्वत्र व्याप्त हूं, लेकिन मैं इस विराट अभिव्यक्ति का अंश नहीं हूं, क्योंकि मैं सृष्टि का कारणस्वरूप हूं। जिस प्रकार प्रवाहमान प्रबल वायु…