• Religion

    भगवद्गीता , प्रकृति, पुरुष तथा चेतना

    श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं, परमात्मा समस्त इन्द्रियों के मूल स्त्रोत हैं, फिर भी वे इन्द्रियों से रहित हैं। वे समस्त जीवों के पालनकर्ता होकर भी अनासक्त हैं, वे प्रकृति के गुणों से परे हैं, फिर भी वे भौतिक प्रकृति के समस्त गुणों के स्वामी हैं। उनके हांथ, पांव, आंखें, सिर तथा मुह तथा उनके कान सर्वत्र हैं, इस प्रकार परमात्मा सभी वस्तुओं में व्याप्त होकर अवस्थित हैं। परमात्मा समस्त प्रकाशमान वस्तुओं के प्रकाशस्त्रोत हैं। वे भौतिक अंधकार से परे हैं और अगोचर हैं। वे ज्ञान हैं, ज्ञेय हैं, ओर ज्ञान के लक्ष्य हैं। वे सबके हृदय में स्थित हैं।…

  • Hindi Motivational Quotes - Quotes

    भगवत गीता कोट्स (भगवद्ज्ञान)

    कई हजार मनुष्यों में से कोई एक सिद्दि के लिए प्रय़त्नशील होता है और इस तरह सिद्धि प्राप्त करने वालों में से बिरला ही कोई एक मुझे वास्तव में जान पाता है।।