किसी ने कहा है कि बिना विचार किये कार्य करने वाले को हमेशा पछताना पड़ता है। ये कहानी एक व्यापारी की है, जो कि व्यापार से अपना जीवकोपार्जन करता था, लेकिन उसमें एक ये आदत बेहद खराब दी थी, कि वो हमेशा दूसरों की तरक्की देखा करता था, और उसी हिसाब से खुद को भी ढालने की कोशिश करता , उसी के पड़ोस मे उस इलाके का धनी व्यक्ति रहता था,उसने शहर में बहुत बड़ा घर खरीद लिया, आसपास के लोगों ने व्यापारी को यह बात बताई कि पड़ोसी ने नया घर खरीदा है, यह सुनकर व्यापारी को लगा कि…
एक व्यापारी जो कि फलों का व्यापार करता था, वो आसपास के किसानों से फल खरीदता और उनको शहर में बेचता, गांव से शहर का जाने के लिए सड़क न होने की वजह से व्यापारी को खेतों और ऊबड़ खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ता था, लेकिन व्यापारी फिर भी उसी रास्ते से आता जाता,क्योंकि शहर जाने का कोई और रास्ता नहीं था, एक दिन जब व्यापारी फल लेकर शहर की तरफ जा रहा था, तो देखता है, कि उन रास्तों पर जहां से वो आता जाता था, किसी ने बहुत सारे पत्थर रख दिये थे, जिसकी वजह से शहर जाने…
ये कहानी एक शिक्षक की है, जो एक स्कूल में पढ़ाता था, स्कूल में पढ़ाने के साथ उसने सोचा कि वह खुद का स्कूल खोलेगा , जिसके लिए उसने शिक्षक नियुक्त किये , बिल्डिंग किराये पर लिया , और स्कूल का प्रचार करने लगा , जब आसपास के लोगों को पता चला कि शिक्षक स्कूल खोल रहा है, तो लोगों ने उसको तरह तरह की सलाह देना शुरू कर दिया, कि आपके आसपास बहुत सारी स्कूल है, आपको बच्चे नहीं मिलेंगे, आप स्कूल नहीं चला पाओगे, शिक्षक लोगों की प्रतिक्रिया से कभी कभी निराश भी हो जाता, लेकिन काफी पैसा…
ये कहानी है, दो दोस्तों की जो एक ही सेठ के यहां काम करते थे, लेकिन दोनो का सपना अमीर बनना था, उन दोनो को जो भी पैसा मिलता उसी से अपना जीवन यापन करते और साथ ही साथ रोज पैसा कमाने के लिए नई नई योजनाएं बनाते, उन दोनो में से एक के शौक काफी बड़े थे , वो बहुत जल्दी अमीर बनना चाहता था कि लोग उसको जाने इसीलिए वो हमेशा ऐसा जीवन जीने के लिए सोचता जैसा अमीर लोग जीते हैं, लेकिन उसको केवल पैसों की जरूरत थी, उन दोनों का पैसा हर साल भर में बढ़ता…
ये कहानी एक मजदूर की है, जो लोगों के यहां काम करता था , और उसको जो भी पैसा मिलता, उसी से अपना जीवन यापन करता था,दिनभर मजदूरी करता, और शाम को घर आता, उसका काम अक्सर पहाड़ी इलाकों में रहता,और पहाड़ों से रास्ता बनाना उसका मुख्य कार्य था, काम काफी कठिन था , क्योंकि पहाड़ के बीचों बीच रास्ता बनाने के लिए बड़ी बड़ी चट्टानो को तोड़ना पड़ता था , जिसमें मेहनत भी बहुत ज्यादा लगती था, और उसके अलावा समय भी बहुत ज्यादा लगता था,उस इलाके में इससे मेहनती और कुशल मजदूर कोई नहीं था , जो इस…
ये कहानी एक ऐसे बच्चे की है, जो कि कचरा बीनने का काम करता था, उसको उस कचरे में जो कुछ भी पुराना सामान मिल जाता उनको बेचता, औऱ उसी से अपने खाने का इंतजाम करता ,एक दिन जब वो कचरा बिन रहा था,तो देखता है,कि कचरे में एक फल का बीज था, उसने उस बीज को एक कागज में लपेटकर रख लिया, और उस दिन से वो खराब सामान को बेचता और साथ ही साथ उसको जहां भी फलों के बीज मिल जाते,उनको वो कागज में इकट्ठा कर लेता। ऐसा वो कई महीनो तक करता रहा,एक दिन उसने कचरे…
दुख कैसे कम करें, दुख से बचने का क्या उपाय है, दुख से बचने के लिए क्या करना चाहिए, दुख को कम करने के क्या उपाय हैं, दुख कम कैसे होता है?
एक बार एक आदमी अपने गुरूजी के पास गया और बोला, गुरूजी मैं अपने आसपास के लोगों को देखता हूं,वहां पर कुछ लोग ऐसे हैं, जिनकी लोग बहुत इज्जत करते हैं, हर कोई उनकी ही तारीफ करता है, और मैं वहीं पर रहता हूं, लेकिन मेरी कोई इज्जत नहीं करता ऐसा क्यों है? जबकि मुझमे और उनमें में कोई ज्यादा फर्क नहीं है, मेरी आय भी उतनी ही है, जितनी मेरे पड़ोसी की है, लेकिन उसकी इज्जत हर कोई करता है, और उसकी बात भी हर कोई मानता है, गुरूजी उसको लेकर पास के बागीचे में ले गये, और वहां…
मुश्किलों का दौर तभी तक है, जब आप आप समाधान के लिए प्रयास नहीं करते। एक बार एक इंजीनियर को जंगल के बीचों बीच सड़क बनाने का काम मिला, और उसको निर्देश दिया गया कि आपको जंगलों के बीच से रास्ता बनाना है, लेकिन आप किसी भी पेड़ को नहीं काटेंगे, लेकिन आप आसपास की झाड़ियों को हटाकर सड़क बना सकते हैं, जरूरत पड़ने पर टहनियां काट सकते हैं।इंजीनियर अब अपनी टीम के साथ जंगल की तरफ चल पड़ा और जंगल पहुंच गया , और वहीं जंगल के पास वाले गांव में ठहर गया, और वो आसापास के लोंगो से…
एक मछुआरा जो कि मछली पकड़ने काम करता था,एक बार जब वो मछली पक़ड़ने समुद्र के किनारे गया तो देखता है कि समुद्र कि किनारे बहुत सारे मोती बिखरे हुए थे, मछुआरे को लगा कि ये साधारण पत्थर है, लेकिन उनकी खूबसूरती की वजह से उसने अपने पास रख लिया ,मछली पकड़ने के बाद उसने मछलियों को बाजार में बेचा, और अपने घर चला गया । दूसरे दिन मछुवारा फिर से मछली पकड़ने के लिए समुंद्र के किनारे गया,लेकिन आज उसको समझ नहीं आ रहा था कि किस छोर पर मछलियां हैं, क्योंकि जहां पर मछलियां थी कल उसने…