जबसे स्मार्टफोन्स की पहुंच हर इंसान तक हुई है,तब से गेमिंग ने भी उतनी ही तेजी से लोगों के दिमाग में अपनी जगह बना ली है, कुछ महीने पहले पबजी गेम इतना पापुलर हो चुका था कि अधिकतर युवा उसी के दिवाने हो गए थे। इंसान का जो मन होता है,वो इतना शक्तिशाली होता है,कि अगर बार बार किसी भी कार्य को आप करते हैं,या उसको देखते हैं,तो आपका मन उसी के लिए आपको प्रेरित करता है,और अधिकतर लोगों के साथ ये होता है,कि वो भी मन के अनुसार ही चलने लगते हैं,बिना ये समझे कि वो कार्य सही है…
अकेले में खुश रहना है,तो ये बातें याद रखिए, ये जरूरी नहीं है,कि हर वक्त कोई तुम्हारे साथ रहे,वह कभी जा दूर भी हो सकता है। जीवन का कोई ठिकाना नही है, आज है,कल न रहे। तुम ही खुद के अच्छे दोस्त हो सकते हो, जो कभी धोखा नहीं देगा,जबकि दुनिया बदलती रहती है। तुम्हारी चिंता ही तुम्हारी दुश्मन है,और तुम चिंता से अलग हो सकते हो। संसार में हर व्यक्ति और वस्तु का निश्चित समय है। वो कभी भी साथ छोड़ सकते हैं। जो दूसरों से खुशी उम्मीद रखता है,वो दुखी ही रहता है, क्योंकि जरूरी नहीं आपकी हर…
1-अगर आप किसी विषय में निपुण है, तो उसके माध्मय से परोपकार करिए। 2-अगर किसी को आप जीवन का सही तरीका बता सकते हैं,तो ये भी परोपकरार है। 3-किसी के दुख में साथ खड़े हो जाइए, ये भी परोपकार है। 4-कोई अपाहिज है, उसका सहारा बन जाइए, ये भी परोपकार है। 5-कोई भूखा है, उसको भोजन करा दीजिए, ये भी परोपकार है। 6-कोई बुजुर्ग जा रहा है, उसको रास्ता पार करा दीजिए ये भी परोपकार है। 7-हर आदमी से प्यार और खुशी से बात करिए, जिससे वो अपनी चिंता भूल जाए ये भी परोपकार है। 8-कोई भी जीव भूखा है,…
लोग रिश्ते तोड़ना पसंद करते हैं, पर अपना अहं नहीं छोड़ना चाहते । लोग बातों में तर्क कर लेते हैं, पर भावनाओं को समझने की कभी कोशिश नहीं करते। खुद को नियंत्रित करने की जगह दूसरों पर पूरा नियंत्रण करना चाहते हैं। कर्म से ज्यादा बातों से दूसरों को समझाने की कोशिश करते रहते हैं। परिस्थितियों को न समझते हुए दूसरे से आशाएं बहुत करते हैं, जिसको पूरा करना अंसभव हो जाता है। अपनी शिकायतें और समस्याएं किसी तीसरे व्यक्ति को बताने लगते हैं, जिससे दूसरे का हस्तक्षेप उनकी जिंदगी में बढ़ जाता है। हर चीज में परफेक्शन ढूढने लगते…
लक्ष्य से आप कभी रास्ते भटकते नही हैं,आपके भटकने की संभावना खत्म हो जाती है। आप खुद को बेहतकर बनाने के लिए बाध्य हो जाते हैं, आप अपने समय की कीमत करना सीख जाते हैं, इंसान जब तक कुछ करता नहीं हैं, वो अपने दायरे से बाहर नहीं आ पाता लक्ष्य के द्वारा आफ खुद के दायरे से बाहर निकल पाते हैं, जिंदगी में अनुशासन का होना बहुत जरूरी है,और लक्ष्य के द्वारा ये सम्भव हो जाता है, जैसे ही आप लक्ष्य निर्धारित करते हैं, जिंदगी की अनावश्यक चिंताओं से मुक्त हो जाते हैं, दुनिया में अधिकतर लोग दूसरों की…
दोस्तों मन को सही रास्ते पर लाने के तरीके से पहले हम समझते हैं, कि मन गलत रास्ते पर जाता कैसे है,हम जो देखते हैं,जो पढ़ते हैं,सुनते हैं,हमारा दिमाग उन पर कुछ प्रतिक्रियाएं करता है,और वो जानकारी उसी रूप में हमारे मन में आ जाती है,जैसा रूप हम उसमें देखते हैं,आजकल सोशल मीडिया तथा अन्य जानकारी के माध्यम हो जाने से अत्यधिक मात्रा में जानकारियां हमारे पास आती हैं,औऱ हमारा दिमाग भी उसी अनुसार प्रतिक्रिया करके जानकारियों को इकट्ठा करता जाता है, जानकारियों का होना उतना घातक नहीं है,जितना कि अनावश्यक जानकारियों का होना, जब हमारे मन को अनावश्यक जानकारियां…
दोस्तों आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ये आम समस्या हो गई है, इस पर नियंत्रण रखना बेहद आवश्य है, क्योंकि गुस्से का काम केवल नष्ट करना ही हैं। मैं आपको एक एक करके सारे उपाय बताता हूं जिनसे आपको गुस्सा कभी भी नहीं आएगा। 1-नीद पर्याप्त लें, 8 घंटे यानि आप अपने दिन के कार्य को सोने से पहले निपटा लें, और सोने से एक घंटे पहले सारी गतिविधियां समाप्त कर लें, और फिर सोने जाएं, ताकि आप अच्छी नींद ले पाएं। 2 –भोजन सात्विक करें, जिसमें लहसुन प्याज, मसाले इत्यादि न हों। 3-किसी नकारात्मक बहस का हिस्सा न…
नकारात्मक विचारों से बचने के लिए सबसे पहले हमें समझना होगा कि नकारात्मक विचार आते कहां से हैं? या कौन से विचार नकारात्मक बन जाते हैं।उसके बहुत सारे माध्यम है- सोशल मीडिय और अन्य वीडियो प्लेटफार्मस जहां पर भ्रामक, अश्लील,गाली अभद्र पोस्ट की जाती हैं, उसके अलावा अगर सोशल मीडिया का आप बहुत ज्यादा उपयोग करते हैं, तो आपके विचारों में नकारात्मकता आ जाएगी। गेमिंग जिसमें हिंसा होती है।इसके अलावा लगातार इसका प्रयोग भी दिमाग को गुलाम बना देता है, जिससे नकारात्मकता आ जाती है। टेलीवीजन फिल्में जिनमें अश्लीलता और अहिंसा दिखाई जाती है। विज्ञापन जो आपके दिमाग में जगह…
नई आदत को बनाने में आपको 21 दिन लगते हैं, और अगर आप 21 दिन तक किसी कार्य को करते हैं,तो आपकी आदत बन जाएगी। 1-दृढ संकल्प – किसी भी काम को करने के लिए आपके संकल्प की जरूरत होती है,जब तक किसी भी काम के लिए संकल्पित नहीं होते आपके लिए वो काम करना असंभव है,और आदत बनाने के काम आपका एक दिन का नहीं है,इसलिए आपको दृढ़ संकल्प की जरूरत । 2-आत्मविश्वास – दोस्तों जब भी आप नए कार्य के लिए संकल्पित होते हैं,तो आपको खुद पर विश्वास होना बहुत जरूरी है,क्योंकि अगर आप खुद पर विश्वास नहीं…
बुरी यादें (अतीत) मकड़ी के जाले की तरह है, जिनकी कई परते हैं, और इंसान उन जालों के बीच में फ्सा रहता है, और धीरे धीरे वो उन्ही को अपना सबकुछ समझ लेता है, जैसे मकड़ी अपने जाले से बाहर नहीं आ पाती, लेकिन इंसानो के साथ ऐसा नहीं हैं, क्योंकि उसकी क्षमता अन्य जीवों से कहीं ज्यादा है, लेकिन अब जाले से तो बाहर निकलना ही है, तो कैसे निकलें, इसके लिए हमें ये समझना होगा कि ये सब केवल विचारों में हैं,यानि उसका अब अस्तितव खत्म हो गया है, लेकिन समस्या ये हैं, कि उस याद को कैसे…