लोग रिश्ते तोड़ना पसंद करते हैं, पर अपना अहं नहीं छोड़ना चाहते । लोग बातों में तर्क कर लेते हैं, पर भावनाओं को समझने की कभी कोशिश नहीं करते। खुद को नियंत्रित करने की जगह दूसरों पर पूरा नियंत्रण करना चाहते हैं। कर्म से ज्यादा बातों से दूसरों को समझाने की कोशिश करते रहते हैं। परिस्थितियों को न समझते हुए दूसरे से आशाएं बहुत करते हैं, जिसको पूरा करना अंसभव हो जाता है। अपनी शिकायतें और समस्याएं किसी तीसरे व्यक्ति को बताने लगते हैं, जिससे दूसरे का हस्तक्षेप उनकी जिंदगी में बढ़ जाता है। हर चीज में परफेक्शन ढूढने लगते…
लक्ष्य से आप कभी रास्ते भटकते नही हैं,आपके भटकने की संभावना खत्म हो जाती है। आप खुद को बेहतकर बनाने के लिए बाध्य हो जाते हैं, आप अपने समय की कीमत करना सीख जाते हैं, इंसान जब तक कुछ करता नहीं हैं, वो अपने दायरे से बाहर नहीं आ पाता लक्ष्य के द्वारा आफ खुद के दायरे से बाहर निकल पाते हैं, जिंदगी में अनुशासन का होना बहुत जरूरी है,और लक्ष्य के द्वारा ये सम्भव हो जाता है, जैसे ही आप लक्ष्य निर्धारित करते हैं, जिंदगी की अनावश्यक चिंताओं से मुक्त हो जाते हैं, दुनिया में अधिकतर लोग दूसरों की…
दोस्तों मन को सही रास्ते पर लाने के तरीके से पहले हम समझते हैं, कि मन गलत रास्ते पर जाता कैसे है,हम जो देखते हैं,जो पढ़ते हैं,सुनते हैं,हमारा दिमाग उन पर कुछ प्रतिक्रियाएं करता है,और वो जानकारी उसी रूप में हमारे मन में आ जाती है,जैसा रूप हम उसमें देखते हैं,आजकल सोशल मीडिया तथा अन्य जानकारी के माध्यम हो जाने से अत्यधिक मात्रा में जानकारियां हमारे पास आती हैं,औऱ हमारा दिमाग भी उसी अनुसार प्रतिक्रिया करके जानकारियों को इकट्ठा करता जाता है, जानकारियों का होना उतना घातक नहीं है,जितना कि अनावश्यक जानकारियों का होना, जब हमारे मन को अनावश्यक जानकारियां…
दोस्तों आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ये आम समस्या हो गई है, इस पर नियंत्रण रखना बेहद आवश्य है, क्योंकि गुस्से का काम केवल नष्ट करना ही हैं। मैं आपको एक एक करके सारे उपाय बताता हूं जिनसे आपको गुस्सा कभी भी नहीं आएगा। 1-नीद पर्याप्त लें, 8 घंटे यानि आप अपने दिन के कार्य को सोने से पहले निपटा लें, और सोने से एक घंटे पहले सारी गतिविधियां समाप्त कर लें, और फिर सोने जाएं, ताकि आप अच्छी नींद ले पाएं। 2 –भोजन सात्विक करें, जिसमें लहसुन प्याज, मसाले इत्यादि न हों। 3-किसी नकारात्मक बहस का हिस्सा न…
Once, A boy called his girlfriend and said, come at home, I am feeling alone, then the girl replied, why are you feeling alone. The boy asked are you coming or not . The girl said no, I have some urgent work at home. My father is ill and I am taking him to hospital for treatment, then the boy said you do not love me, then the girl replied I love you but cannot come over there and loneliness is in your mind. My physical presence cannot remove your loneliness, then boy kept the phone. After a week both…
Once, a boy demand to his father, dad I want a car, father replied you are not able to drive a car, you are a minor. So why are you demanding? Then son told his father with annoyed emotions you do not love me, if you love me, then buy a car for me. Father starts thinking, my son needs a car, I have to buy a car for him so that I can prove my love for my son. After one week the son again, said you do not love me, dad, I want a car, but did not…
एक बार एक आदमी इस बात से परेशान हो गया कि उसके पास कोई काम नहीं है,वो आसपास के लोगों के देखता और उनके काम का आंकलन करता औऱ हमेशा सोचता रहता कि मैं ऐसा क्या काम करूं कि जिससे खूब पैसा आए, फिर सोचता कि अगर मैं असफल हो गया तो क्या कूरूंगा, यही सोचते सोचते वो काफी परेशान हो गया क्योंकि वह कोई निर्णय नही ले पा रहा था , और अब वह अपनी समस्या लेकर वहीं पास के एक बाबाजी के पास गया और पूंछा कि मेरे पास कोई काम नहीं है, लेकिन मैं ये निर्णय नहीं…
नकारात्मक विचारों से बचने के लिए सबसे पहले हमें समझना होगा कि नकारात्मक विचार आते कहां से हैं? या कौन से विचार नकारात्मक बन जाते हैं।उसके बहुत सारे माध्यम है- सोशल मीडिय और अन्य वीडियो प्लेटफार्मस जहां पर भ्रामक, अश्लील,गाली अभद्र पोस्ट की जाती हैं, उसके अलावा अगर सोशल मीडिया का आप बहुत ज्यादा उपयोग करते हैं, तो आपके विचारों में नकारात्मकता आ जाएगी। गेमिंग जिसमें हिंसा होती है।इसके अलावा लगातार इसका प्रयोग भी दिमाग को गुलाम बना देता है, जिससे नकारात्मकता आ जाती है। टेलीवीजन फिल्में जिनमें अश्लीलता और अहिंसा दिखाई जाती है। विज्ञापन जो आपके दिमाग में जगह…
ये कहानी एक पहलवान की है,जो अपनी जीविका पहलवानी करके चलाता था, लेकिन वो हमेशा ये सोचता कि किसी तरह वो उस इलाके का बड़ा पहलवान बन जाए, लेकिन उसको कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था, वो कई बार बड़ी प्रतिस्पर्धा में गया लेकिन हार गया, औऱ उसको ऐसा लग रहा था कि वो कभी भी अपने इलाके का सबसे सबसे बड़ा पहलवान नहीं बन पाएगा, और इसलिए उसने कोशिश करना भी छोड़ दिया। कई सालो बाद उस इलाके में कुश्ती का आयोजन हुआ तो उसने सोचा क्यों न इस बार कुश्ती देखने चला जाए, इस बार अभ्यास न…
नई आदत को बनाने में आपको 21 दिन लगते हैं, और अगर आप 21 दिन तक किसी कार्य को करते हैं,तो आपकी आदत बन जाएगी। 1-दृढ संकल्प – किसी भी काम को करने के लिए आपके संकल्प की जरूरत होती है,जब तक किसी भी काम के लिए संकल्पित नहीं होते आपके लिए वो काम करना असंभव है,और आदत बनाने के काम आपका एक दिन का नहीं है,इसलिए आपको दृढ़ संकल्प की जरूरत । 2-आत्मविश्वास – दोस्तों जब भी आप नए कार्य के लिए संकल्पित होते हैं,तो आपको खुद पर विश्वास होना बहुत जरूरी है,क्योंकि अगर आप खुद पर विश्वास नहीं…