देश के प्रसिद्ध कथावाचकों की पंक्ति में जो आजकल प्रसिद्ध नाम आता है, धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, बागेश्वर धाम का । बागेश्वर धाम मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा तहसील में एक तीर्थ स्थल है, जहां बाबा बागेश्वर अपना दरबार लगाते हैं। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री का जन्म 4 जुलाई 1996 को गढ़ा गांव में हुआ था, इनकी माता का नाम सरोज गर्ग और पिता का नाम रामकृपाल गर्ग है। शास्त्री जी की अगर शिक्षा की बात की जाए तो वो अपने मुह से ही बताते हैं, उन्होने स्नातक की पढ़ाई की है। बाबा बागेश्वर की अगर पिछली जिंदगी को देखा जाए…
अनिरुद्धाचार्य जी महाराज इनकी नाम किसी परिचय का मोहताज का नहीं है, ये वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचकों में से एक हैं, इनकी कथा में काफी भीड रहती है, इनकी कथाएं लोगों के बीच काफी चर्चा में बनी रहती हैं, क्योंकि ये कथा के साथ अपनी धर्म संस्कृति के लिए भी कार्य करते हैं, इसलिए ये लोगों के निशाने पर भी बने रहते हैं, इनकी कथा में आपको समाज में फैली बुराइय़ों को मिटाने की भी शिक्षा देखने और सुनने को मिलती रहती है जैसे शराब, मांस ,फूहड़ फिल्मों का विरोध इनकी कथा में सामान्य बात है, और साथ साथ मां…
मध्यप्रेदश के छतरपुर जिले में बागेश्वरधाम तीर्थ स्थल है, जहां के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री है, जो कि जगद्गुरू रामभद्राचार्य के शिष्य है, इनकी लोकप्रियता की बात करें तो इतनी कम उम्र में जितनी लोकप्रियता इन्होनो हांसिल की है, शायद ही किसी ने हांसिल की हो, लेकिन फिर भी इनके जीवन में सरलता देखने को मिलती है, हर उम्र के लोग उनके चाहने वाले हैं, चाहे वो युवा हो या बूढ़े। य़े खुद को हनुमान जी के भक्त बताते हैं, और कहते हैं, कि सब हनुमान जी की कृपा है, जहां पर इनकी कथा होती है, वहां पर लोग पागलो…
If you will find the cause of Stress, you will come to know the unwanted thought of mind is the reason of stress, but people could not understand because when their mind get hanged how they can know. Here I will discuss some reasons of stress and anxiety and the solution for stress. Reason of stress These are the reason of stress, you can add more reason such as loss of Property, Disputes, Relationship breakup etc. People can reduce their stress if they quit bad habits which I above mentioned. After knowing the cause of stress/anxiety/ depression you are very…
श्रीकृष्ण भगवान गीता में कहते हैं, चतुर्विधा भजन्ते मां जना: सुकृतिनोअर्जुन। आर्तो जिज्ञासुरथार्थी ज्ञानी च भरतर्षभ।। हे भरतश्रेष्ठ चार प्रकार के पुन्यात्मा मेरी सेवा करते हैं- आर्त, जिज्ञासु, अर्थार्थी तथा ज्ञानी । इसका मतलब है कि चार प्रकार के लोग भगवान की शरण में आते हैं, पहला जो पीड़ित है, दूसरा जो जिज्ञासु हैं, तीसरा जो अर्थ चाहता है, औऱ चौथा है ज्ञानी। तेषां ज्ञानी नित्युक्त एकभक्तिर्विशिष्यते। तिप्रो हि ज्ञानिनअत्यर्थमहं स च मम प्रिय:।। इनमें से जो परमज्ञानी है और शुद्धभक्ति में लगा रहता है, वह सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि मैं उसे अत्यंत प्रिय हूं और वो मुझे अत्यंत प्रिय हैं।…
भक्ति करने वाले लोग परेशान क्यों रहते हैं, ये प्रश्न अधिकतर वो लोग पूंछते हैं, जो भक्ति नहीं करते या जिनको ये लगता है, कि भक्त के जीवन में कष्ट क्यों होता है, इसके अलावा कुछ ऐसे लोग भी इस प्रश्न को पूंछते हैं, जो भक्ति की शुरूआत करते हैं। इसका उत्तर अगर आप अगर रामचरित मानस से समझते हैं, तो उसमें भगवान कहते हैं, सनमुख होइ जीव मोहि जबहीं। जन्म कोटि अघ नासहिं तबहीं॥ इसका अर्थ है, कि जैसे ही जीव भगवान के सन्मुख होता है, तो वो करोड़ो जन्म के पाप को नष्ट कर देते हैं। यानि भगवान…
Best Birthday wishes , birthday quotes in English and Hindi May god bless you all year ! Happy Birthday to You! May this special day bring a lot of happiness & joy for you! Happy Birthday! A birthday may a memorable moment for you! wishing you a happy birthday! May happiness touches your feet, and success always look for you ! Happy Birthday! I may not come at your birthday but in this birthday message I wish you always be happy in all year Wishing you a many many happy returns of the day! On this special occasion I wish…
आप में से बहुत सारे लोगों से भक्ति के बारे में सुना होगा कि भक्ति करो , भक्ति से भगवान मिलते हैं, लेकिन आपको हो सकता है, कि ये पता न हो कि भक्ति कैसै करें, भक्ति कितने प्रकार की होती है, हालांकि ये प्रश्न आस्तिक लोग पूंछते हैं जो भगवान की प्राप्ति चाहते हैं, और जीवन में आनंद चाहते हैं, क्योंकि भक्ति के बिना किसी का कल्याण नहीं हो सकता । आपमें से अधिकांश लोगों ने भक्त प्रहलाद के बारे में सुना होगा, भक्त प्रहलाद ने अपने पिता हिरणक्श्यपु को नवधा भक्ति के बारे में बताया था यानि भक्ति…
भक्तियोग - भगवद्दीता में भगवान कृष्ण द्वारा दिया भक्ति योग के सिद्धांत जैसे मन को श्रीकृष्ण में स्थिर रखना , कृष्ण का चिंतन करना , कर्म का भगवान को समर्पण है।
एक बार एक भक्त से किसी ने पूंछा कि भगवान को नहीं देखा, भगवान को महसूस नहीं किया तो भक्ति क्यों करते हो ? तो भक्त ने बहुत ही सुंदर जवाब दिया, भगवान तुम्हे भले दिखाई न दे, लेकिन मेरे अनुभव में वो हमेशा ही मेरे साथ रहते हैं, तो व्यक्ति ने फिर पूंछा कि हमे अनुभव क्यों नहीं होता, तो भक्त ने कहा तुमने कभी भगवान का नाम जप नहीं किया, ध्यान नहीं किया, संतो की संगति नहीं की, शास्त्रों का अध्ययन नहीं किया तो कैसे अनुभव होगा, तो व्यक्ति ने फिर पूंछा कि क्या बिना इसके अनुभव नहीं…